राजधानी लखनऊ से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। रविवार को उनका शव लखनऊ के दुबग्गा इलाके में सराय प्रेमराज गांव के पास किसान पथ के निकट एक नहर से बरामद किया गया।
धीरेंद्र प्रताप शनिवार से लापता चल रहे थे। प्राथमिक जांच के अनुसार, उनकी हत्या फॉर्च्यूनर गाड़ी के अंदर ही सीने और माथे में गोली मारकर की गई और साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को नहर में फेंक दिया गया।
धीरेंद्र प्रताप सिंह मूल रूप से उन्नाव जिले के फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के राजेपुर गांव के निवासी थे और वर्तमान में लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। वे लंबे समय से हिंदूवादी राजनीति में सक्रिय थे।
शनिवार शाम जब देर रात तक वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। उनकी पत्नी ममता सिंह ने धीरेंद्र के निजी चालक रवि तिवारी पर शक जाहिर करते हुए सुशांत गोल्फ सिटी थाने में तहरीर दी।
पुलिस ने जब ड्राइवर को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर किडनैपिंग और हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ड्राइवर की निशानदेही पर ही दुबग्गा के पास नहर से धीरेंद्र प्रताप सिंह का शव बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में चालक रवि तिवारी और उसके साथी दिलीप समेत 6 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की एक कीमती जमीन के विवाद और पैसों के लेन-देन को लेकर यह हत्या अंजाम दी गई। वहीं, परिजनों ने आरोप लगाया है कि ड्राइवर ने विरोधियों के साथ साठगांठ करके इस पूरी साजिश को रचा था।
धीरेंद्र प्रताप को उन्नाव के चर्चित मामलों से जुड़े होने के कारण दो सरकारी गनर मिले थे, लेकिन घटना के समय एक गनर छुट्टी पर था और दूसरा बीमार था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और लखनऊ पुलिस की 6 अलग-अलग टीमें जांच में जुटी हुई हैं। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल और गाड़ी से फिंगरप्रिंट व अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ।
बड़ी ख़बर।हिंदूवादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या।
धीरेंद्र प्रताप सिंह की फॉर्च्यूनर में ही मारी गई गोली।
दुबग्गा के पास एक नहर में मिला शव।ड्राईवर पर ही विरोधियों से मिलकर ज़मीन की रंजिश में हत्या कराने का शक।
लखनऊ के पीजीआई इलाके में रह रहे थे धीरेंद्र प्रताप… pic.twitter.com/sICrpIj7U8
— Ashutosh shukla (@Ashu9621101476) August 30, 2026