बहराइच जिले में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे रूपईडीहा क्षेत्र में पुलिस ने भगवान बुद्ध की अष्टधातु की प्राचीन प्रतिमा बताकर नेपाल में ऊंची कीमत पर बेचने की तैयारी कर रहे एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने गिरोह के कब्जे से करीब आठ इंच ऊंची और 4.960 किलोग्राम वजनी बुद्ध की प्रतिमा बरामद की है।
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि भारत-नेपाल सीमा से सटे रूपईडीहा थाना क्षेत्र के साईंगांव जंगल में कुछ लोग नकली प्रतिमा को अष्टधातु की दुर्लभ प्रतिमा बताकर नेपाल में ऊंची कीमत पर बेचने की फिराक में हैं।
उन्होंने बताया कि इस सूचना के आधार पर पुलिस ने बदलदास मंदिर के पास घेराबंदी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से बुद्ध की एक प्रतिमा, तीन मोटरसाइकिल, नकदी और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य संबंधित आरोपों में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरोह के तार भारत-नेपाल सीमा पार सक्रिय अन्य लोगों से जुड़े हैं या नहीं तथा इससे पहले उन्होंने इस प्रकार की कितनी वारदात को अंजाम दिया है।
तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बहराइच के सीमावर्ती इलाकों के निवासी रमजान अली उर्फ काले खां, नूर मोहम्मद, आजाद अली, रिजवान, महफूज, साकिर अली तथा समीर उर्फ नूर शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इनमें से रूपईडीहा (बहराइच) निवासी रमजान अली उर्फ काले खां तथा नूर मोहम्मद के विरुद्ध रूपईडीहा थाने में पूर्व से भी विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं।










