बलिया, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या में इस्तेमाल की गई कार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से खरीदी गई थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और उत्तर प्रदेश पुलिस का विशेष कार्य बल (एसटीएफ) इस हत्या के प्रमुख आरोपियों में शामिल बलिया निवासी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की तलाश में जिले के कई इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। घटना के बाद से वह फरार है।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई कर रही है और स्थानीय पुलिस को एजेंसी की जांच से संबंधित कोई जानकारी नहीं है।
इस बीच, बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव निवासी जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि ‘मिट्ठू’ उर्फ दीपक नामक व्यक्ति ने पिछले वर्ष अक्टूबर में उसके माध्यम से 35 हजार रुपये में एक निसान माइक्रा कार खरीदी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वाहन बाद में एक मई को ज्ञानेंद्र प्रताप उर्फ मन्नू को 50 हजार रुपये में बेच दिया गया।
जितेंद्र ने संवाददाताओं को बताया कि हाल ही में सीबीआई की एक टीम उनके घर आई थी और वाहन के संबंध में पूछताछ की थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने जांच एजेंसी को पूरी जानकारी उपलब्ध कराई है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर प्रसारित एक सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर सीबीआई टीम को बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शीतल दवनी गांव स्थित ज्ञानेंद्र प्रताप के घर पर छापेमारी करते हुए दिखाया गया है। हालांकि, छापे के दौरान ज्ञानेंद्र वहां नहीं मिला।
बांसडीह रोड थाने के प्रभारी वंश बहादुर सिंह ने बृहस्पतिवार को पुष्टि की कि हाल के दिनों में सीबीआई ने मन्नू के घर पर छापा मारा था, लेकिन वह फरार मिला। उन्होंने बताया कि घर पर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था और उसके रिश्तेदार भी लापता हैं।
पुलिस के अनुसार, ज्ञानेंद्र प्रताप के खिलाफ बलिया जिले में हत्या और हत्या के प्रयास समेत करीब 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ में भी एक मामला दर्ज है।
जांच एजेंसियां ज्ञानेंद्र और राज कुमार सिंह उर्फ राज सिंह के बीच संबंधों की भी जांच कर रही हैं। राज सिंह को हाल ही में इस हत्या के मामले में मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया था। दोनों की साथ में कथित तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं।
यह घटनाक्रम उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा हाल ही में बलिया जिले से कथित अपराधी नवीन कुमार सिंह की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद सामने आया है। उसे भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।
सीबीआई से मिली सूचना के आधार पर एसटीएफ ने उसके पास से पिस्तौल, रिवॉल्वर और कारतूस समेत भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था।
पूछताछ के दौरान नवीन ने कथित तौर पर एसटीएफ अधिकारियों को बताया कि सात मई को मन्नू, राज कुमार सिंह और एक अन्य सहयोगी गोलू सिंह उसके पास आए थे और उसे हथियारों से भरा बैग सौंपा था।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद आरोपी एसटीएफ कर्मियों को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित एक कार शोरूम तक ले गया, जहां से हथियार बरामद किए गए।
इस मामले में राज कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि ज्ञानेंद्र प्रताप और गोलू सिंह अब भी फरार हैं।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में छह मई को चंद्रनाथ रथ की नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद राजनीतिक तनाव पैदा हो गया था और सीबीआई, एसटीएफ तथा पश्चिम बंगाल पुलिस की बहु-राज्यीय जांच शुरू की गई थी।
