पुणे महानगरपालिका ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) लीक मामले में रेनुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) के मालिक की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद बुधवार को बिना ‘ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट’ (अधिभोग प्रमाण पत्र) के संचालन करने के आरोप में संस्थान को सील कर दिया।
संस्थान का यह परिसर डेक्कन जिमखाना क्षेत्र में जंगली महाराज रोड पर स्थित बोरोवाके बिल्डिंग में है। आरसीसी के मालिक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को 17 मई को गिरफ्तार किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लातूर स्थित मोटेगांवकर के परिसरों पर छापेमारी के दौरान उनके मोबाइल फोन से तीन मई को आयोजित परीक्षा का लीक हुआ प्रश्नपत्र बरामद किया था। मोटेगांवकर के कोचिंग सेंटर की कुल नौ शाखाएं हैं।
इससे पहले, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने पुणे महानगरपालिका में शिकायत दर्ज कराई थी कि जिस इमारत में आरसीसी की कक्षाएं संचालित की जा रही थीं, उसके पास ‘ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट’ नहीं था।
पुणे नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस भवन के लिए अभी तक ‘ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट’ जारी नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि साथ ही, दमकल विभाग ने भी इसे अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं दिया था, इसके बावजूद वहां अवैध रूप से कक्षाएं चलाई जा रही थीं।
नगर निगम के भवन विभाग ने संपत्ति मालिक को नोटिस जारी करके कक्षाएं बंद करने के निर्देश दिए थे, लेकिन नगर निगम के आदेश की अनदेखी करते हुए कक्षाएं जारी रहीं। अंततः आज परिसर को सील कर दिया गया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, मोटेगांवकर कथित तौर पर उस संगठित गिरोह का “सक्रिय सदस्य” थे, जो नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक और उसे बांटे जाने में शामिल था।
परीक्षा तीन मई को भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। सात मई की शाम कथित अनियमितताओं की जानकारी मिलने के कुछ दिनों बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था। अब 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।
