बरेली पुलिस ने कथित तौर पर चीन से जुड़े और नेपाल के जरिये भारत में साइबर ठगी में लिप्त अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करके गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगना नवाबगंज निवासी सुमित समेत अन्य फरार सदस्यों की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने एक लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज़, 11 कार्ड, एक वाहन (स्कॉर्पियो) और अवैध हथियार बरामद किए हैं, साथ ही धोखाधड़ी से संबंधित डेटा भी प्राप्त हुआ है।
भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि गिरोह बैंकिंग संदेशों तक पहुंचने और कई खातों के माध्यम से पैसे अंतरित करने के लिए उपकरणों का उपयोग करता था।
22 बैंक खातों से जुड़ी 524 शिकायतें मिलीं, जो बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का संकेत देती हैं।
यह गिरोह संचालकों, एजेंटों और खाताधारकों के एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम करता था; इस गिरोह का कथित सरगना बरेली का सुमित कुमार अब भी फरार है। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच की जा रही है।




