अयोध्या, सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास पर एक ओर महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी पार्षदों के साथ बैठक में व्यस्त थे, वहीं दूसरी ओर आवास के बाहर खड़ी भाजपा पार्षद की स्कॉर्पियो को पुलिस ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत क्रेन से उठाकर ले गई।
बताया जा रहा है कि कोतवाली नगर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान महापौर के सरकारी आवास के सामने खड़ी एक भाजपा पार्षद की ब्लैक स्कॉर्पियो को भी कार्रवाई की जद में ले लिया गया। पुलिस ने बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करते हुए वाहन को क्रेन से उठवा लिया।
घटना की जानकारी जैसे ही महापौर को हुई, वे नाराज हो गए और मौके पर मौजूद नगर कोतवाल को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बन गई।
सूत्रों के अनुसार, महापौर का कहना था कि जब उनके आवास पर जनप्रतिनिधियों की बैठक चल रही थी, ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई से असहज स्थिति उत्पन्न हुई। वहीं पुलिस का पक्ष है कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान नियमों के तहत चलाया जा रहा है और इसमें किसी भी व्यक्ति या पद के आधार पर छूट नहीं दी जा सकती।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शहर में चर्चा का माहौल गर्म है। लोग इसे प्रशासनिक समन्वय की कमी और सख्ती के टकराव के रूप में देख रहे हैं।
घटना के बाद एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी चर्चा में रही, जिसमें आदि शंकराचार्य के प्रसिद्ध कथन “ब्रह्म सत्य है, जगत मिथ्या है” का जिक्र करते हुए कहा गया कि आज के दौर में “पुलिस ही सत्य है, शेष सब मिथ्या है।
फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक विवाद सामने नहीं आया है, लेकिन घटना ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।










