अयोध्या में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फर्जी दस्तावेजों के सहारे जेल से बाहर आने का पूरा खेल उजागर हुआ है। सपा जिला पंचायत सदस्य राजा मानसिंह के करीबी सहयोगी उपदेश यादव ने कथित तौर पर फर्जी जमानत पत्र और नकली मोहरों का इस्तेमाल कर जेल से रिहाई हासिल कर ली।
मामले की भनक लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने तत्काल जांच के आदेश देते हुए पूरे प्रकरण की जांच सीओ अयोध्या को सौंप दी है। शुरुआती जांच में जमानत गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं, जो फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायिक प्रक्रिया को गुमराह करता रहा है।
पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बस्ती जिले से 5 फर्जी जमानतदारों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से फर्जी जमानत के जरिए अपराधियों को जेल से बाहर निकालने का काम कर रहा था।
गौरतलब है कि राजा मानसिंह पर पहले से ही करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, नकली नोटों के कारोबार और जमीन निवेश के नाम पर ठगी जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत उनकी करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां पहले ही कुर्क की जा चुकी हैं, जबकि वह स्वयं भी इस समय जेल में बंद हैं।
उपदेश यादव की फर्जी जमानत से रिहाई का मामला सामने आने के बाद अयोध्या समेत आसपास के जिलों में फर्जी जमानत नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। अयोध्या पुलिस का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और फर्जी जमानत के इस पूरे खेल को बेनकाब किया जाएगा।

