अयोध्या में करीब 13 महीने पहले लापता हुए स्थानीय कैब मालिक अजीत गुप्त के मामले में अयोध्या पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अजीत गुप्त की कैब लूटने की नीयत से हत्या की गई थी।
अपराधियों ने जानबूझकर उनसे कैब बुक कराई और फिर गोरखपुर के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र में उनकी हत्या कर दी। हत्यारों ने उनके गले की चेन और अंगूठी लूट ली। हत्या के बाद शव को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र में फेंक दिया गया था। मुजफ्फरपुर पुलिस ने अज्ञात शव के रूप में उसे बरामद किया और 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया।
इस बीच अपराधियों ने अजीत गुप्त की कैब को बिहार के दरभंगा जिले में लावारिस छोड़ दिया, जिसे पुलिस ने बाद में बरामद कर लिया।
यह मामला 23 नवंबर 2024 को अजीत गुप्त की पत्नी सुमन गुप्ता ने अयोध्या कोतवाली में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अजीत गुप्त अयोध्या के कोतवाली नगर क्षेत्र के निवासी थे। लंबी जांच के बाद 13 महीने बाद पुलिस को इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करने में सफलता मिली है।
अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि इस हत्या में कुल पांच लोग शामिल थे। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पांचवां आरोपी पहले से ही किसी अन्य मामले में जेल में बंद है। अयोध्या पुलिस अब मुजफ्फरपुर और दरभंगा पुलिस के साथ मिलकर मामले की गहन जांच कर रही है ताकि सभी पहलुओं को पूरी तरह साफ किया जा सके।




