संभल, जिला प्रशासन ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो कथित तौर पर फर्जी अस्पतालों को संरक्षण देकर उनसे एक लाख से पांच लाख रुपये तक की वसूली करता था। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इस मामले में गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य अभी फरार हैं।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि एक संयुक्त पुलिस अभियान के तहत जिले भर में अवैध रूप से संचालित 31 अस्पतालों और क्लीनिकों की पहचान की गई और उन पर छापेमारी की गई। उन्होंने कहा कि अब तक विभिन्न थानों में 19 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और कई अन्य के खिलाफ अभी प्राथमिकी दर्ज की जानी हैं।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बताया कि इस योजना में सात बिचौलियों की पहचान की गई है और इनमें से चार लोगों (जगतपाल, प्रेम सिंह, बबलू गिरी और संगम) को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा कि तीन अन्य आरोपी नितिन कुमार, राजीव कौशिक और गौरव बंसल (बहजोई के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फिजियोथेरेपिस्ट) अभी फरार हैं जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एसपी ने खुलासा किया कि गिरोह ने इन अवैध अस्पतालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूले थे। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है।
एसपी ने कहा कि सभी आरोपियों पर गैंगस्टर कानून के तहत मुकदमा चलाया जाएगा और उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी।
ऐसे फर्जी अस्पतालों के संचालन पर अंकुश लगाने के लिए संभल के सिटी मजिस्ट्रेट, एक मादक पदार्थ निरीक्षक और एक क्षेत्राधिकारी की तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है जो पूरे जिले में छापेमारी करेगी।


