नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शनिवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और चीन को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। उन्होंने आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के संबंधों के लगातार विकास के लिए जरूरी है।
बैठक में सीमा विवाद के समाधान को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सीमा से जुड़े मुद्दों के निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच सीमा संबंधी मौजूदा समझौतों और सहमतियों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतभेदों को उचित तरीके से संभाला जाना चाहिए, ताकि वे विवाद का रूप न लें।
मोदी और शी जिनपिंग ने पिछले वर्ष अगस्त में हुई अपनी पिछली बैठक के बाद भारत-चीन संबंधों में हुई प्रगति का भी स्वागत किया। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद हाल के समय में संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कई प्रयास किए गए हैं।
द्विपक्षीय बैठक में आर्थिक और व्यापारिक संबंधों का मुद्दा भी उठा। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने की जरूरत पर चर्चा की। भारत और चीन के बीच व्यापार दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है और ऐसे में व्यापारिक मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने पर जोर दिया गया।
भारत और चीन के संबंधों में वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव के बाद काफी चुनौतीपूर्ण दौर आया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर लगातार बातचीत होती रही। सीमा पर शांति बनाए रखने के प्रयासों के साथ दोनों देशों ने द्विपक्षीय संपर्क और सहयोग को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति की प्रधानमंत्री मोदी के साथ यह बैठक दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बनी। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत से संकेत मिला है कि भारत और चीन अपने मतभेदों को बातचीत के जरिए प्रबंधित करने और साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
बैठक में सीमा पर शांति और स्थिरता, आपसी सम्मान, मौजूदा समझौतों का पालन और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर बातचीत और आगे बढ़ने की उम्मीद है।