कानपुर/हापुड़, रोज़ के खाने का सबसे ज़रूरी मसाला हल्दी, अगर असली होने के बजाय मिलावट का जरिया बन जाए तो थाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो जाते हैं।
कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की छापेमारी ने ऐसा ही एक चौंकाने वाला खुलासा किया है, जहाँ एक मसाला फैक्ट्री में हल्दी पाउडर बनाने का ऐसा तरीका सामने आया जिसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
कानपुर के पनकी स्थित ‘पीतांबरा इंटरप्राइजेज’ नामक मसाला फैक्ट्री पर FSDA की टीम ने जब छापा मारा, तो पता चला कि वहाँ बिना साबुत हल्दी के ही ‘हल्दी पाउडर’ तैयार किया जा रहा था। जांच के दौरान चौंकाने वाली बात यह रही कि फैक्ट्री परिसर में साबुत हल्दी की एक गांठ तक नहीं मिली।
इसके बजाय बड़ी मात्रा में टूटे हुए चावल और लिक्विड कलर बरामद हुए। घटिया चावलों को पीसकर उसमें हल्दी जैसा रंग मिलाकर नकली हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था और उसे बाज़ारों में सप्लाई किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान टीम ने बड़े पैमाने पर स्टॉक जब्त किया है। इसमें 1.54 लाख रुपये मूल्य के 77 बैग चावल के टुकड़े और 4.20 लाख रुपये मूल्य के 42 बैगों में भरा नकली हल्दी पाउडर शामिल है। इसके अलावा कार्रवाई में 30 किलोग्राम पिसा धनिया, 30 किलोग्राम मिर्च पाउडर और 20 किलोग्राम हल्दी अपमिश्रक को कब्जे में लिया गया है।
जब्त किए गए पूरे स्टॉक का कुल मूल्य 5,86,200 रुपये बताया गया है। खाद्य विभाग ने परिसर से हल्दी, मिर्च, धनिया और लिक्विड कलर समेत कुल 6 नमूने जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। कानपुर खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त संजय प्रताप सिंह के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित फर्म का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब सभी की नजरें लैब रिपोर्ट पर टिकी हैं।
उधर, हापुड़ में भी खाद्य विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली रोड पर सप्लाई के लिए ले जाई जा रही लगभग 2 कुंतल संदिग्ध पनीर से भरी एक पिकअप गाड़ी को टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खाद्य विभाग की टीम ने तुरंत पनीर के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे और बाकी पूरे संदिग्ध पनीर को जेसीबी से गहरा गड्ढा खुदवाकर मौके पर ही नष्ट करवा दिया।










