अयोध्या, कचहरी परिसर में शेड नंबर 5 पर एक संदिग्ध झोले में दो तमंचे और कई कारतूस तथा उसी के पास से एक लावारिस पैंट बरामद होने से हड़कंप मच गया है।
इस घटना ने 2007 के आतंकी हमले की यादें ताजा कर दीं, जब इसी सेट पर बम विस्फोट में एक अधिवक्ता की जान गई थी।
वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश उपाध्याय ने बताया कि यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर यह कि मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद तमंचे और कारतूस परिसर में कैसे पहुंचे।
वर्तमान में कोतवाली नगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम, और खुफिया पुलिस के अधिकारी मौके पर जांच कर रहे हैं। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में चूक की ओर इशारा करती है, और स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
2007 के लखनऊ कचहरी बम विस्फोट कांड, जिसमें दो आतंकियों को दोषी ठहराया गया था, के संदर्भ में यह घटना और भी गंभीर मानी जा रही है।









